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तैयारी · अपडेट सितंबर 2026

UPSC के लिए अखबार कैसे पढ़ें

द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस आम तैयारी अखबार हैं — आधिकारिक नहीं। UPSC कोई पत्र निर्धारित नहीं करता। नोट्स छोटा रखें। तारीख upsc.gov.in से लें।

लेखक: GKSchools Editorial · अंतिम अपडेट: 12 September 2026

समसामयिक घटनाएँ प्रीलिम्स और मेंस दोनों में सिलेबस से जुड़ती हैं। बहुत अभ्यर्थी द हिंदू या इंडियन एक्सप्रेस चुनते हैं। यह आम आदत है, आधिकारिक आदेश नहीं। आयोग किसी अखबार का नाम अधिसूचना में अनिवार्य नहीं लिखता।

पूरा अखबार रटना तैयारी नहीं। संपादकीय से तर्क, सरकारी योजना/रिपोर्ट का तथ्य, विज्ञान-पर्यावरण की नीति, अंतरराष्ट्रीय समझौते — इन्हें सिलेबस शीर्षक से बाँधें। अपराध-खेल-बॉलीवुड का ढेर छोड़ दें जब तक प्रश्न न माँगे।

एक अखबार + एक भरोसेमंद मासिक संकलन काफी हो सकता है; पाँच स्रोत भ्रम बढ़ाते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तीसरा कार्यकाल, सितंबर 2026 संदर्भ) जैसे स्थिर पद लिखें; शेष नियुक्तियाँ आधिकारिक वेबसाइट से जाँचें, हम गढ़ते नहीं। कैलेंडर upsc.gov.in पर है।

याद रखने योग्य

  1. कोई अखबार UPSC-आधिकारिक नहीं।
  2. द हिंदू / इंडियन एक्सप्रेस आम चुनाव हैं, आदेश नहीं।
  3. हिंदी में भी गुणवत्ता अखबार चल सकते हैं — आयोग भाषा नहीं थोपता।
  4. संपादकीय = तर्क का अभ्यास, रटने की सूची नहीं।
  5. योजना, समिति, रिपोर्ट का नाम आधिकारिक स्रोत से मिलाएँ।
  6. सिलेबस शीर्षक पर न बैठे समाचार छोड़ दें।
  7. नोट्स: तिथि, एक वाक्य तथ्य, एक मेंस कोण — तीन पंक्तियाँ।
  8. पूरा पन्ना चिपकाना रिवीजन नहीं।
  9. मासिक संकलन अखबार की जगह नहीं, दोहराव है।
  10. PIB/सरकारी प्रेस विज्ञप्ति प्राथमिक स्रोत हो सकते हैं।
  11. सोशल मीडिया क्लिप अखबार का विकल्प नहीं।
  12. मानचित्र: स्थान वाले समाचार पर तुरंत नक्शा खोलें।
  13. अर्थव्यवस्था समाचार को बजट दस्तावेज़ से बाँधें।
  14. IR समाचार को देश-नीति से जोड़ें, केवल नेता-फोटो से नहीं।
  15. पर्यावरण समाचार को संधि/रिपोर्ट के नाम तक ले जाएँ।
  16. एक दिन छोड़ने पर अपराध-बोध नहीं, अगले दिन से जारी।
  17. प्रीलिम्स फैक्ट और मेंस विश्लेषण अलग रंग से चिह्नित करें।
  18. तारीख/फीस अखबार के विज्ञापन से नहीं, UPSC से।

UPSC के लिए अखबार कैसे पढ़ें — मुख्य तथ्य (2026)

विषयतथ्य / उत्तर
आधिकारिक अखबार? नहीं — आयोग कोई पत्र अनिवार्य नहीं करता
आम चुनाव द हिंदू / इंडियन एक्सप्रेस — आम आदत, आधिकारिक नहीं
क्या लिखें नीति, योजना, रिपोर्ट, विज्ञान-पर्यावरण, IR — सिलेबस से जुड़ा
क्या छोड़ें अपराध-खेल-मनोरंजन का ढेर, जब तक सिलेबस न माँगे
नोट्स आकार छोटा: तथ्य + एक विश्लेषण पंक्ति
प्राथमिक स्रोत सरकारी विज्ञप्ति / बजट / रिपोर्ट
स्थिर पद (सितंबर 2026) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तीसरा कार्यकाल
कैलेंडर upsc.gov.in — यहाँ तारीख नहीं

परीक्षा टिप: हर संपादकीय के बाद एक मेंस-शैली का प्रश्न खुद लिखें और आठ पंक्तियों में उत्तर दें — अखबार तभी परीक्षा की वस्तु बनता है।

लोग ये भी पूछते हैं

UPSC के लिए कौन सा अखबार अनिवार्य है?

कोई नहीं। द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस आम चुनाव हैं, आधिकारिक नहीं।

क्या हिंदी अखबार चल सकता है?

हाँ, यदि विश्लेषण और तथ्य विश्वसनीय हों। आयोग कोई अंग्रेज़ी पत्र थोपता नहीं।

कितने घंटे अखबार पढ़ें?

कोई आधिकारिक घंटा नहीं। सिलेबस से जुड़े हिस्से निकालना लक्ष्य है, पूरा अखबार नहीं।