कंप्यूटर का मस्तिष्क किसे कहा जाता है?
- A. मॉनिटर
- B. CPU
- C. कीबोर्ड
- D. स्पीकर
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Correct option: B — CPU
CPU (Central Processing Unit) सभी गणनाएँ और निर्देश संसाधित करता है, इसलिए इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क कहते हैं।
Class 6 · Computer
Hardware, software, MS Office, the internet and safety. Total 80 questions: 40 MCQ, 25 short, 15 long.
Correct option: B — CPU
CPU (Central Processing Unit) सभी गणनाएँ और निर्देश संसाधित करता है, इसलिए इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क कहते हैं।
Correct option: C — हार्डवेयर
कीबोर्ड, माउस, CPU और मॉनिटर जैसे भौतिक भाग हार्डवेयर हैं।
Correct option: D — Windows
Windows एक ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो सिस्टम सॉफ्टवेयर का उदाहरण है।
Correct option: A — एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर
Paint चित्र बनाने का प्रोग्राम है, इसलिए यह एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर है।
Correct option: C — इनपुट डिवाइस
कीबोर्ड से हम अक्षर और संख्याएँ कंप्यूटर में डालते हैं, अतः यह इनपुट डिवाइस है।
Correct option: A — आउटपुट डिवाइस
मॉनिटर स्क्रीन पर परिणाम दिखाता है, इसलिए यह आउटपुट डिवाइस है।
Correct option: C — हार्ड डिस्क
हार्ड डिस्क द्वितीयक स्टोरेज है; बिजली बंद होने पर भी डेटा बना रहता है। RAM अस्थायी होती है।
Correct option: B — कागज़ या चित्र को डिजिटल रूप में कंप्यूटर में लेना
स्कैनर एक इनपुट डिवाइस है जो कागज़ की छवि को कंप्यूटर में भेजता है।
Correct option: B — हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का प्रबंधन करना
OS कंप्यूटर के संसाधनों को नियंत्रित करता है और प्रोग्राम चलाने में मदद करता है।
Correct option: C — Linux
Linux एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। Chrome ब्राउज़र है और Word एप्लिकेशन है।
Correct option: C — बूटिंग
बूटिंग वह प्रक्रिया है जिसमें OS लोड होता है और कंप्यूटर काम के लिए तैयार होता है।
Correct option: B — फोल्डर
फोल्डर (निर्देशिका) संबंधित फाइलों को एक जगह रखने का डिब्बा है।
Correct option: C — रीसायकल बिन
Delete दबाने पर फाइलें रीसायकल बिन में जाती हैं, जहाँ से उन्हें वापस लाया जा सकता है।
Correct option: C — एक्सटेंशन
एक्सटेंशन बताता है कि फाइल किस प्रकार की है और कौन-सा प्रोग्राम उसे खोलेगा।
Correct option: B — दस्तावेज़ लिखना और संपादित करना
Word एक वर्ड प्रोसेसर है — पत्र, निबंध और रिपोर्ट लिखने के लिए।
Correct option: C — Ctrl+N
Ctrl+N नया दस्तावेज़ खोलता है। Ctrl+O पहले से बनी फाइल खोलता है।
Correct option: D — Ctrl+B
Ctrl+B बोल्ड, Ctrl+I तिरछा (Italic) और Ctrl+U रेखांकित (Underline) करता है।
Correct option: C — F7
F7 स्पेलिंग और ग्रामर जाँच खोलता है। F12 Save As के लिए भी प्रसिद्ध है।
Correct option: B — सेल
पंक्ति और स्तंभ के मिलान से सेल बनती है, जैसे A1।
Correct option: B — स्तंभ A और पंक्ति 1
स्तंभ अक्षर से (A, B, C) और पंक्ति संख्या से (1, 2, 3) पहचानी जाती है।
Correct option: C — =
सभी फॉर्मूले बराबर चिह्न (=) से शुरू होते हैं, जैसे =A1+B1।
Correct option: C — स्लाइड
प्रत्येक पृष्ठ एक स्लाइड होता है; कई स्लाइड मिलकर प्रस्तुति बनाती हैं।
Correct option: C — F5
F5 पहली स्लाइड से स्लाइड शो चलाता है। Shift+F5 वर्तमान स्लाइड से शुरू करता है।
Correct option: B — अंडाकार (ओवल)
टर्मिनेटर प्रतीक अंडाकार होता है। प्रक्रिया आयत और निर्णय हीरा होता है।
Correct option: A — World Wide Web
World Wide Web इंटरनेट पर वेबसाइटों का जाल है जिसे ब्राउज़र से देखते हैं।
Correct option: B — वेब ब्राउज़र
Chrome, Edge, Firefox आदि वेब ब्राउज़र हैं। गूगल एक सर्च इंजन है, ब्राउज़र नहीं।
Correct option: C — सर्च इंजन
सर्च इंजन वेब पर जानकारी खोजने में मदद करते हैं।
Correct option: D — @
उदाहरण: student@school.com — @ उपयोगकर्ता नाम और डोमेन को जोड़ता है।
Correct option: B — Carbon Copy
Cc से वही मेल अन्य लोगों को भी दिखता है। Bcc में नाम छिपे रहते हैं।
Correct option: B — प्राप्तकर्ता का पता (To)
To बॉक्स में सही ईमेल पता न हो तो संदेश पहुँचेगा ही नहीं।
Correct option: C — आवश्यकता पड़ने पर केवल विश्वसनीय अभिभावक या शिक्षक को
पासवर्ड गुप्त रखना साइबर सुरक्षा का पहला नियम है।
Correct option: B — झूठे संदेश या वेबसाइट से व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश
फिशिंग में नकली ईमेल/लिंक से पासवर्ड, OTP या बैंक जानकारी माँगी जाती है।
Correct option: B — बिना अनुमति किसी को नहीं
व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले बड़ों से पूछें।
Correct option: C — 1024
कंप्यूटर में 1 KB = 1024 बाइट (2 के घात के अनुसार) पढ़ाया जाता है।
Correct option: C — बिट
बिट 0 या 1 होता है। 8 बिट मिलकर 1 बाइट बनाते हैं।
Correct option: D — 8
1 Byte = 8 bits। एक अंग्रेज़ी अक्षर प्रायः 1 बाइट में संग्रहीत होता है।
Correct option: C — Ctrl+C
Ctrl+C कॉपी, Ctrl+X कट, Ctrl+V पेस्ट और Ctrl+Z अनडू करता है।
Correct option: D — Ctrl+Z
Ctrl+Z Undo है। Ctrl+Y Redo है। Ctrl+S सेव करता है।
Correct option: C — एल्गोरिथम
एल्गोरिथम सीमित, स्पष्ट चरण होते हैं जिनसे सही परिणाम मिलता है।
Correct option: B — मशीनों को कुछ काम मनुष्य जैसी समझ से करवाना
आवाज़ सहायक, चेहरा पहचान और सुझाव देने वाले ऐप AI के बच्चे-स्तर के उदाहरण हैं।
हार्डवेयर कंप्यूटर के भौतिक भाग हैं जिन्हें हम छू सकते हैं, जैसे मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस और CPU। सॉफ्टवेयर निर्देशों और प्रोग्रामों का समूह है जिन्हें हम छू नहीं सकते, जैसे Windows, MS Word और गेम। हार्डवेयर बिना सॉफ्टवेयर के काम नहीं करता और सॉफ्टवेयर बिना हार्डवेयर के नहीं चलता। दोनों मिलकर कंप्यूटर सिस्टम बनाते हैं।
CPU का पूरा नाम Central Processing Unit है। इसे कंप्यूटर का मस्तिष्क कहते हैं क्योंकि यह निर्देशों को समझता और गणना करता है। इसके दो मुख्य भाग हैं: ALU (Arithmetic Logic Unit) जो जोड़-घटाव जैसी गणना करता है, और CU (Control Unit) जो अन्य भागों को निर्देश देता है।
इनपुट डिवाइस वे हैं जिनसे डेटा कंप्यूटर में जाता है, जैसे कीबोर्ड और माउस। स्कैनर और माइक्रोफोन भी इनपुट हैं। आउटपुट डिवाइस परिणाम बाहर दिखाते या सुनाते हैं, जैसे मॉनिटर और प्रिंटर। स्पीकर भी आउटपुट डिवाइस है।
प्राथमिक मेमोरी (जैसे RAM) बहुत तेज़ होती है और CPU के पास काम कर रहे डेटा रखती है, पर बिजली जाने पर RAM का डेटा मिट जाता है। द्वितीयक स्टोरेज (हार्ड डिस्क, SSD, पेन ड्राइव) डेटा को लंबे समय तक रखती है। हम फाइलें द्वितीयक स्टोरेज में सेव करते हैं।
ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर चालू होने पर लोड होता है। यह हार्डवेयर का प्रबंधन करता है, फाइलें और फोल्डर संभालता है, प्रोग्राम चलाने देता है और इनपुट-आउटपुट नियंत्रित करता है। यह कई कामों के बीच समय बाँटता है और सुरक्षा में भी मदद करता है।
GUI का अर्थ Graphical User Interface है। इसमें हम आइकन, मेनू और विंडो पर माउस से क्लिक करके काम करते हैं, कमांड याद रखने की ज़रूरत कम पड़ती है। Windows का डेस्कटॉप GUI का उदाहरण है। छोटे बच्चों के लिए GUI आसान होता है।
फाइल वह इकाई है जिसमें हमारा डेटा रहता है, जैसे निबंध.docx या चित्र.jpg। फोल्डर कई फाइलों (और दूसरे फोल्डरों) को एक नाम के नीचे रखने का डिब्बा है। फोल्डर स्वयं विषय-वस्तु नहीं रखता, वह व्यवस्था करता है। सही फोल्डर से फाइल ढूँढ़ना आसान होता है।
एक्सटेंशन फाइल नाम के बिंदु के बाद आता है, जैसे .docx, .xlsx, .pptx, .jpg। यह बताता है कि फाइल किस प्रकार की है। ऑपरेटिंग सिस्टम इसी से समझता है कि फाइल Word से खुलनी चाहिए या Excel से। गलत एक्सटेंशन बदलने से फाइल न खुलने का खतरा रहता है।
Word में हम पत्र, निबंध और रिपोर्ट टाइप कर सकते हैं। फॉन्ट, आकार, बोल्ड और रंग बदलकर टेक्स्ट सुंदर बनाते हैं। चित्र और तालिका जोड़ सकते हैं। वर्तनी जाँच, पेज नंबर, हेडर-फुटर और प्रिंट की सुविधा भी मिलती है। Save से दस्तावेज़ सुरक्षित रहता है।
Save (Ctrl+S) उसी नाम और उसी जगह पर फाइल को अपडेट कर देता है। Save As नई कॉपी बनाता है — नया नाम या नया फोल्डर चुन सकते हैं। पहली बार सेव करते समय दोनों में नाम पूछा जाता है। पुरानी फाइल सुरक्षित रखकर नया संस्करण बनाने के लिए Save As उपयोगी है।
एक Excel फाइल वर्कबुक कहलाती है। उसके अंदर कई वर्कशीट (Sheet1, Sheet2) हो सकती हैं। प्रत्येक शीट पंक्तियों और स्तंभों का ग्रिड है। पंक्ति और स्तंभ के मिलान से सेल बनती है, जैसे B3। सेल में संख्या, टेक्स्ट या फॉर्मूला लिखा जाता है।
SUM से चुनी हुई सेलों का जोड़ निकाला जाता है। फॉर्मूला =SUM(A1:A5) से A1 से A5 तक की संख्याएँ जुड़ जाती हैं। अंक सूची, खर्च या उपस्थिति जोड़ने में यह तेज़ और सटीक रहता है। फॉर्मूला हमेशा = से शुरू होता है।
प्रत्येक स्लाइड पर कम और स्पष्ट बिंदु लिखें, लंबा पैराग्राफ न भरें। बड़े पढ़े जा सकने वाले फॉन्ट और गहरे-हल्के रंग का अच्छा कंट्रास्ट रखें। विषय से संबंधित चित्र जोड़ें। एनीमेशन बहुत अधिक न हो ताकि दर्शक ध्यान विषय पर रख सकें।
स्लाइड लेआउट स्लाइड पर शीर्षक, टेक्स्ट और चित्र के डिब्बों की व्यवस्था है। Title Slide, Title and Content जैसे लेआउट काम को तेज़ बनाते हैं। सही लेआउट से प्रस्तुति सुंदर और व्यवस्थित दिखती है। हम बाद में भी लेआउट बदल सकते हैं।
इंटरनेट से हम जानकारी खोज सकते हैं और ऑनलाइन कक्षाएँ देख सकते हैं। ईमेल और वीडियो कॉल से दूर बैठे लोगों से बात होती है। समाचार, मानचित्र और सरकारी सेवाएँ भी मिलती हैं। बैंक और खरीदारी के लिए भी इंटरनेट प्रयोग होता है, पर बच्चों को बड़ों की देखरेख में रहना चाहिए।
URL का अर्थ Uniform Resource Locator है। यह वेबसाइट का पता होता है जिसे हम ब्राउज़र के एड्रेस बार में लिखते हैं। उदाहरण: https://www.gkschools.com । सही URL से ही सही साइट खुलती है; मिलते-जुलते नकली पते से बचना चाहिए।
To में प्राप्तकर्ता का पता लिखा जाता है। Subject में संदेश का संक्षिप्त विषय होता है। मुख्य संदेश बॉडी में लिखा जाता है। ज़रूरत हो तो अटैचमेंट से फाइल जोड़ते हैं। Cc और Bcc से अन्य लोगों को भी प्रति भेज सकते हैं।
स्पष्ट विषय लिखें और नम्र भाषा का प्रयोग करें। वर्तनी जाँचें, बड़े अक्षरों में पूरा पत्र न लिखें क्योंकि वह चिल्लाने जैसा लगता है। अज्ञात लिंक या अटैचमेंट न खोलें। भेजने से पहले पता दोबारा देखें ताकि गलत व्यक्ति को मेल न चला जाए।
साइबर बुलिंग का अर्थ है इंटरनेट, संदेश या सोशल मीडिया पर किसी को बार-बार चिढ़ाना, गाली देना, झूठी बात फैलाना या अपमानित करना। यह गलत और हानिकारक है। यदि ऐसा हो तो स्क्रीन सेव करें, जवाब में गाली न दें और तुरंत अभिभावक या शिक्षक को बताएँ।
पासवर्ड लंबा हो, उसमें बड़े-छोटे अक्षर, अंक और चिह्न मिलें। अपना नाम, जन्मदिन या 123456 न रखें। हर साइट पर एक ही पासवर्ड न दोहराएँ। पासवर्ड किसी को न बताएँ और कागज़ पर कक्षा में न लिख छोड़ें। OTP भी गुप्त रखें।
सबसे छोटी इकाई बिट है, जिसका मान 0 या 1 होता है। 8 बिट = 1 बाइट। 1024 बाइट = 1 KB, 1024 KB = 1 MB और 1024 MB = 1 GB। बड़ी फाइलें और वीडियो GB में मापे जाते हैं। यही क्रम TB तक बढ़ता है।
Ctrl+C चयनित वस्तु की कॉपी बनाता है। Ctrl+X काटकर हटाता है (कट)। Ctrl+V कॉपी या कट की हुई वस्तु को चिपकाता है। Ctrl+Z अंतिम बदलाव को वापस लेता है (Undo)। ये चारों लगभग सभी Office प्रोग्रामों में काम करते हैं।
Ctrl+B टेक्स्ट बोल्ड करता है, Ctrl+I तिरछा और Ctrl+U रेखांकित। Ctrl+S दस्तावेज़ सेव करता है। Ctrl+P प्रिंट डायलॉग खोलता है और Ctrl+A पूरा पृष्ठ चुनता है। शॉर्टकट से काम तेज़ और आसान होता है।
एल्गोरिथम के चरण स्पष्ट और क्रमबद्ध होने चाहिए। उसमें अंत होना चाहिए — अनंत लूप नहीं। प्रत्येक चरण ऐसा हो जिसे समझकर किया जा सके। एक ही इनपुट पर वही सही परिणाम मिलना चाहिए। उदाहरण: दो संख्याएँ पढ़ो, जोड़ो, उत्तर दिखाओ।
आवाज़ सहायक (जैसे फोन पर बोले गए सवाल का उत्तर) और वीडियो ऐप पर मिलते-जुलते सुझाव AI के सरल उदाहरण हैं। चेहरा खोलने वाला लॉक भी AI का उपयोग कर सकता है। सावधानी: AI से मिली हर बात सच नहीं होती; गृहकार्य बिना समझे न लिखवाएँ और निजी जानकारी न बताएँ।
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डेटा लेकर जानकारी बनाती है। सबसे पहले इनपुट होता है: कीबोर्ड, माउस, स्कैनर या माइक्रोफोन से हम निर्देश और तथ्य देते हैं। फिर प्रोसेसिंग CPU में होती है। CPU के ALU भाग में गणना होती है और कंट्रोल यूनिट बाकी उपकरणों को संकेत देता है। RAM अस्थायी रूप से चल रहे प्रोग्राम रखती है। प्रोसेसिंग के बाद आउटपुट आता है — मॉनिटर पर चित्र-शब्द, प्रिंटर पर कागज़ या स्पीकर से आवाज़। स्टोरेज चौथा महत्वपूर्ण भाग है। हार्ड डिस्क, SSD, पेन ड्राइव या मेमोरी कार्ड में फाइलें बिजली बंद होने पर भी रहती हैं। हार्डवेयर ये भौतिक उपकरण हैं और सॉफ्टवेयर इन्हें चलाने वाले प्रोग्राम। सिस्टम सॉफ्टवेयर (ऑपरेटिंग सिस्टम) मशीन संभालता है जबकि एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Word, Excel) हमारा काम करता है। चारों भाग साथ काम करें तभी कंप्यूटर उपयोगी होता है।
इनपुट डिवाइस वे उपकरण हैं जिनसे डेटा और निर्देश कंप्यूटर के अंदर जाते हैं। कीबोर्ड से अक्षर टाइप करते हैं, माउस से पॉइंटर चलाते हैं, स्कैनर कागज़ की छवि लेता है और माइक्रोफोन आवाज़ रिकॉर्ड करता है। टच स्क्रीन में इनपुट और आउटपुट दोनों गुण हो सकते हैं। आउटपुट डिवाइस परिणाम बाहर लाते हैं। मॉनिटर स्क्रीन दिखाता है, प्रिंटर कागज़ पर छापता है, स्पीकर ध्वनि देता है और प्रोजेक्टर बड़ी स्क्रीन पर चित्र फेंकता है। स्टोरेज डिवाइस डेटा रखने के लिए हैं। हार्ड डिस्क और SSD कंप्यूटर के अंदर बड़ी क्षमता देते हैं। पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड डेटा एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। CD/DVD पुरानी ऑप्टिकल डिस्क हैं। RAM तेज़ पर अस्थायी है, इसलिए सेव करना द्वितीयक स्टोरेज पर ज़रूरी है। सही डिवाइस चुनने से काम तेज़ और सुरक्षित रहता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर और उपयोगकर्ता के बीच सेतु है। बिना OS के हम सीधे हार्डवेयर से बात नहीं कर सकते। यह कंप्यूटर बूट करता है, मेमोरी बाँटता है, फाइलें रखता है, प्रिंटर जैसे उपकरण चलाता है और कई प्रोग्राम एक साथ चलाने देता है। सुरक्षा, पासवर्ड और अपडेट भी OS संभालता है। Windows स्कूल और घर के डेस्कटॉप-लैपटॉप पर बहुत प्रचलित है; इसमें GUI आसान होता है। Linux मुफ्त और खुला स्रोत है; कई सर्वर और कुछ लैपटॉप पर चलता है। macOS Apple कंप्यूटरों पर मिलता है। Android और iOS मोबाइल फोन व टैबलेट के OS हैं। Chrome OS कुछ लैपटॉप पर वेब केंद्रित काम के लिए है। बच्चे जिस OS का प्रयोग करें, उसके आइकन, फाइल एक्सप्लोरर और सेटिंग धीरे-धीरे सीखें। सही OS हार्डवेयर के अनुकूल होना चाहिए और समय-समय पर अपडेट रखना चाहिए।
फाइल प्रबंधन का अर्थ है अपने दस्तावेज़, चित्र और प्रोजेक्ट को सही नाम और सही फोल्डर में रखना ताकि वे खोएँ नहीं। सबसे पहले विषय के अनुसार फोल्डर बनाएँ, जैसे Class6, Homework, Pictures। नई फाइल Word या Paint में बनाकर Save से फोल्डर में रखें; नाम अर्थपूर्ण हो जैसे science-notes.docx। नाम बदलने के लिए फाइल पर राइट-क्लिक कर Rename चुनें या F2 दबाएँ। कॉपी के लिए फाइल चुनकर Ctrl+C फिर दूसरे फोल्डर में Ctrl+V करें; मूल फाइल अपनी जगह रहती है। मूव (कट) के लिए Ctrl+X फिर Ctrl+V करें; फाइल नई जगह चली जाती है। डिलीट के लिए Delete कुंजी दबाएँ; Windows में फाइल रीसायकल बिन में जाती है, जहाँ से Restore संभव है। Shift+Delete स्थायी मिटा सकता है, इसलिए सावधानी रखें। एक्सटेंशन न बदलें। नियमित बैकअप पेन ड्राइव या क्लाउड (बड़ों की देखरेख में) से डेटा सुरक्षित रहता है।
सबसे पहले Word खोलकर नया दस्तावेज़ (Ctrl+N) लें। पेज साइज़ और मार्जिन Page Layout से जाँचें। शीर्षक लिखकर उसका फॉन्ट बड़ा करें, बोल्ड करें और बीच में संरेखित करें। विषय को छोटे पैराग्राफ में लिखें; फ़ॉन्ट पढ़ने योग्य रखें जैसे 12–14 पॉइंट। महत्वपूर्ण शब्दों को बोल्ड या रंग से चिह्नित करें, पर बहुत से रंग न भरें। सूचि के लिए बुलेट या नंबरिंग का प्रयोग करें। चित्र Insert से जोड़कर आकार ठीक करें। हेडर में अपना नाम और फुटर में पेज नंबर डालें। पूरा लेख लिखने के बाद F7 से वर्तनी जाँचें। Ctrl+S से स्कूल फोल्डर में समझदारी भरा नाम देकर सेव करें। प्रिंट से पहले Print Preview देखें ताकि हाशिए और चित्र कटे नहीं। शिक्षक को देने से पहले एक बार स्वयं पढ़ें। ये चरण पत्र, निबंध और प्रोजेक्ट रिपोर्ट सभी में काम आते हैं।
MS Excel एक स्प्रेडशीट प्रोग्राम है। इसमें पंक्तियाँ और स्तंभ मिलकर सेल बनाते हैं। प्रत्येक सेल का पता स्तंभ अक्षर और पंक्ति संख्या से बनता है, जैसे C5। सेल में नाम, अंक या फॉर्मूला लिखा जा सकता है। फॉर्मूला = से शुरू होता है। विद्यालय में शिक्षक उपस्थिति या अंक तालिका बना सकते हैं: नाम एक स्तंभ में, विषय के अंक अगले स्तंभों में। =SUM(B2:D2) से कुल अंक और औसत के लिए औसत फंक्शन से परिणाम निकलता है। चार्ट से अंकों की तुलना चित्र में दिखती है। घर के छोटे बजट में खर्च की सूची भी बन सकती है। छाँटना (Sort) और फ़िल्टर से आँकड़े ढूँढ़ना आसान है। कॉलम चौड़ाई और बोल्ड शीर्षक से तालिका साफ दिखती है। बच्चे गणना मशीन पर बार-बार जोड़ने की जगह फॉर्मूला सीखें तो गलती कम होती है। सेव करना न भूलें क्योंकि बिना सेव किए बंद करने पर काम खो सकता है।
PowerPoint विचारों को स्लाइडों पर क्रम से दिखाने का उपकरण है। नई प्रस्तुति खोलकर पहली स्लाइड पर विषय और अपना नाम लिखें। अगली स्लाइडों पर एक-एक मुख्य बिंदु रखें — प्रति स्लाइड पाँच-छह पंक्ति से अधिक न हों। बड़े फॉन्ट का प्रयोग करें ताकि पीछे बैठे विद्यार्थी पढ़ सकें। गहरे अक्षर और हल्की पृष्ठभूमि (या उल्टा) से कंट्रास्ट अच्छा रहे। Insert से चित्र, सरल चार्ट या SmartArt जोड़ें जो विषय समझाएँ, केवल सजावट न हों। एनीमेशन और साउंड कम रखें; अधिक चमक ध्यान भटकाती है। नोट्स में बोलने के संकेत लिख सकते हैं पर स्लाइड पर पूरा निबंध न चिपकाएँ। F5 से रिहर्सल करें, समय देखें और स्पष्ट आवाज़ में बोलें। फाइल .pptx में सेव करें और पेन ड्राइव की कॉपी रखें। प्रस्तुति का उद्देश्य सिखाना है, सॉफ्टवेयर का कमाल दिखाना नहीं। शिक्षक के निर्देश और समय सीमा का सम्मान करें।
इंटरनेट दुनिया भर के कंप्यूटरों का बड़ा जाल है जिससे जानकारी और सेवाएँ आती-जाती हैं। WWW उस जाल पर वेबसाइटों का हिस्सा है। वेब ब्राउज़र (Chrome, Edge, Firefox) वह सॉफ्टवेयर है जो साइट खोलकर दिखाता है। सर्च इंजन (गूगल, बिंग) ब्राउज़र के अंदर चलने वाला खोज औजार है — दोनों एक नहीं हैं। URL एड्रेस बार में लिखा गया पता होता है। खोजते समय सटीक शब्द लिखें और एक से अधिक विश्वसनीय स्रोत पढ़ें। घर पर वायरलेस रूटर और मोबाइल डेटा से कनेक्शन आता है। सुरक्षित उपयोग के नियम: अज्ञात वाई-फाई पर बैंक काम न करें, https वाली साइट पहचानें, पॉप-अप और अजीब लिंक न दबाएँ, डाउनलोड बड़ों से पूछकर करें। बहुत देर स्क्रीन पर रहना आँखों के लिए हानिकारक है, इसलिए विश्राम लें। इंटरनेट ज्ञान का खजाना है, पर अनुशासन से ही लाभ होता है।
ईमेल इलेक्ट्रॉनिक पत्र है जो इंटरनेट से कुछ सेकंड में पहुँच सकता है। सबसे पहले ब्राउज़र या ऐप से अपने खाते में लॉगिन करें। Compose या नया संदेश चुनें। To में मुख्य प्राप्तकर्ता का पूरा पता लिखें, जैसे teacher@school.com; एक अक्षर की गलती से मेल गलत जगह चला जाता है। Subject में स्पष्ट विषय लिखें, जैसे कक्षा 6 विज्ञान गृहकार्य। बॉडी में अभिवादन, मुख्य बात और धन्यवाद लिखें। ज़रूरत हो तो अटैचमेंट जोड़ें — वायरस वाली अज्ञात फाइल न भेजें। Send से पहले वर्तनी और पता जाँचें। To मुख्य व्यक्ति है जिसे जवाब देना है। Cc (Carbon Copy) में नाम दिखते हैं; सभी को पता रहता है कि किसे प्रति गई। Bcc (Blind Carbon Copy) में पते छिपे रहते हैं, गोपनीयता के लिए उपयोगी। Reply से उसी धागे में उत्तर जाता है। पासवर्ड और OTP ईमेल में न लिखें। स्कूल ईमेल शिष्ट और संक्षिप्त रखें।
साइबर सुरक्षा का अर्थ है अपने उपकरण, खाते और व्यक्तिगत जानकारी को ऑनलाइन नुकसान से बचाना। क्या करें: मजबूत पासवर्ड रखें और उन्हें गुप्त रखें। दो-चरणीय सुरक्षा हो तो अभिभावक की मदद से चालू करें। ऐप और OS अपडेट करते रहें। केवल विश्वसनीय साइट से डाउनलोड करें। सोशल मीडिया प्रोफाइल निजी रखें। संदिग्ध संदेश की स्क्रीनशॉट लेकर बड़ों को दिखाएँ। लंबे समय तक चैट करने वाले अजनबी से मिलने न जाएँ। क्या न करें: OTP, बैंक पिन, आधार नंबर या स्कूल आईडी कार्ड की फोटो सार्वजनिक न करें। अज्ञात लिंक, क्यूआर कोड और फ्री गिफ्ट के लालच से बचें। दूसरों की फोटो बिना अनुमति न फैलाएँ और नकली खबर न चलाएँ। गेम में इन-ऐप खरीदारी बिना अनुमति न करें। कैमरा कवर रखें जब उपयोग न हो। याद रखें — जो कुछ इंटरनेट पर चला, वह हमेशा के लिए फैल सकता है। सचेत रहना डरना नहीं, समझदारी है।
व्यक्तिगत जानकारी में नाम, घर का पता, फोन, स्कूल, फोटो, जन्मदिन और खाता विवरण आते हैं। गलत हाथों में पड़ने पर कोई धोखा दे सकता है, परेशान कर सकता है या नकली खाता खोल सकता है। बच्चे अक्सर क्विज़, फ्री गेम या फॉलोअर बढ़ाने के लालच में फॉर्म भर देते हैं। नियम यह रखें कि शिक्षक या अभिभावक की अनुमति के बिना फॉर्म न भरें। प्रोफाइल पर स्कूल यूनिफॉर्म वाली स्पष्ट तस्वीर सार्वजनिक न करें। लाइव लोकेशन न चलाएँ। किसी को यह न बताएँ कि घर पर अकेले हैं। वीडियो कॉल पर अजनबी को घर न दिखाएँ। यदि कोई गंदी बात या धमकी आए तो बात छिपाएँ नहीं — तुरंत भरोसेमंद बड़े को बताएँ। रिपोर्ट और ब्लॉक बटन का उपयोग करें। पासवर्ड मित्रों से साझा करना मित्रता नहीं, जोखिम है। डिजिटल नागरिकता का अर्थ है दूसरों का सम्मान और अपनी सीमाओं की रक्षा — दोनों साथ चलते हैं।
कंप्यूटर डेटा को बिट और बाइट में मापता है। बिट सबसे छोटी इकाई है — 0 या 1। आठ बिट मिलकर एक बाइट बनाते हैं। 1024 बाइट = 1 किलोबाइट (KB), 1024 KB = 1 मेगाबाइट (MB), 1024 MB = 1 गीगाबाइट (GB) और 1024 GB = 1 टेराबाइट (TB)। छोटी टेक्स्ट फाइल KB में और फिल्म GB में हो सकती है। RAM (Random Access Memory) प्राथमिक मेमोरी है: बहुत तेज़, CPU के चालू काम के लिए, पर अस्थायी — बिजली जाने पर डेटा मिटता है। इसलिए हम फाइल हार्ड डिस्क पर सेव करते हैं। ROM (Read Only Memory) में निर्माता के निर्देश रहते हैं जो कंप्यूटर चालू करने में मदद करते हैं; सामान्यतः हम उसे आसानी से नहीं बदलते और बिजली जाने पर भी यह बना रहता है। कैश बहुत छोटी तेज़ मेमोरी है। समझदारी यह है कि काम करते समय बार-बार सेव करें और स्टोरेज भरने पर अनावश्यक फाइल हटाएँ।
शॉर्टकट कुंजियाँ कीबोर्ड से तेज़ आदेश देती हैं ताकि बार-बार मेनू न खोजना पड़े। इससे समय बचता है और ध्यान काम पर रहता है। सामान्य विंडो शॉर्टकट: Ctrl+C कॉपी, Ctrl+X कट, Ctrl+V पेस्ट, Ctrl+Z Undo, Ctrl+Y Redo, Ctrl+A सब चुनें, Ctrl+S सेव, Ctrl+P प्रिंट, Ctrl+N नया, Ctrl+O खोलें। Word में Ctrl+B बोल्ड, Ctrl+I इटैलिक, Ctrl+U अंडरलाइन, Ctrl+L बायाँ संरेखण। PowerPoint में F5 स्लाइड शो। Excel में फॉर्मूला = से शुरू होता है; Ctrl+Home शीट की शुरुआत पर ले जाता है। Alt+Tab खुली खिड़कियों के बीच बदलता है। Windows कुंजी + E फाइल एक्सप्लोरर खोलता है। याद रखने का तरीका: रोज़ दो शॉर्टकट अभ्यास करें। माउस पूरी तरह छोड़ना ज़रूरी नहीं, पर मुख्य शॉर्टकट आने से परीक्षा और प्रोजेक्ट दोनों आसान होते हैं। गलत शॉर्टकट दब जाए तो Undo आज़माएँ।
एल्गोरिथम किसी समस्या को हल करने के सीमित, स्पष्ट चरण हैं। खाना पकाने की रेसिपी भी रोज़मर्रा का एल्गोरिथम है। कंप्यूटर को भी ऐसे ही चरण चाहिए। फ्लोचार्ट उन्हीं चरणों का चित्र है। अंडाकार प्रारंभ/समाप्त दिखाता है, आयत प्रक्रिया, हीरा निर्णय (हाँ/नहीं), समांतर चतुर्भुज इनपुट-आउटपुट और तीर दिशा बताते हैं। दो संख्याओं के योग का एल्गोरिथम: 1. प्रारंभ। 2. पहली संख्या A पढ़ो। 3. दूसरी संख्या B पढ़ो। 4. Sum = A + B निकालो। 5. Sum दिखाओ। 6. समाप्त। फ्लोचार्ट में प्रारंभ के अंडाकार के बाद इनपुट के लिए समांतर चतुर्भुज, जोड़ के लिए आयत, परिणाम दिखाने के लिए फिर समांतर चतुर्भुज और अंत का अंडाकार होगा। चरणों का क्रम बदलने से उत्तर गलत हो सकता है। कक्षा 6 में स्पष्ट सोच और चित्र दोनों सीखना आगे कोडिंग की नींव है। छोटे-छोटे दैनिक कामों के चरण लिखकर अभ्यास करें।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सरल अर्थ है मशीनों को ऐसे काम सिखाना जो पहले मनुष्य की समझ से होते थे — पहचानना, सुझाव देना, आवाज़ समझना। यह जादू नहीं, आँकड़ों और नियमों पर आधारित गणना है। बच्चे रोज़ AI देख सकते हैं: फोन का आवाज़ सहायक, नक्शे पर रास्ता, चेहरा अनलॉक, टाइप करते समय शब्द सुझाव, और वीडियो ऐप पर मिलती-जुलती सूची। कक्षा में अनुवाद और कुछ अभ्यास ऐप भी AI का सहारा लेते हैं। लाभ: जल्दी जानकारी, दिव्यांग साथियों के लिए मदद, दोहराए जाने वाले काम में समय की बचत। सीमाएँ: AI गलत उत्तर भी दे सकता है, पक्षपाती हो सकता है और निजी डेटा माँग सकता है। सावधानियाँ: गृहकार्य बिना समझे AI से न लिखवाएँ; नकली चित्र या आवाज़ से मित्रों को ठगें नहीं; चैट में नाम, पता, फोटो न दें; शिक्षक ने मना किया हो तो परीक्षा में AI न चलाएँ। AI औजार है — सोच और ईमानदारी हमारी रहनी चाहिए। बड़ों के साथ मिलकर नए औजार सीखें।
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